हमने की थी जहाँ
पिछले साल
छठ- पूजा
वो तालाब गुम हो गया।
कुछ लोग कहते हैं
कि वो है अभी भी
उन ऊँची इमारतों के पीछे
जिनको बनाने के लिए
पाटी गई थी तालाब की जमीन ।
वह अब सड़क से दिखता नहीं
मैंने भी जा कर देखा वहाँ
बिखरा पाया कचरा
जैसे बिखरा है हर जगह
अरावळी में ।
पर फिर भी कुछ ळोग कहते हैं
कि वो तालाब अब भी है
वहीं कहीं ,
छुप गया है शायद
बचाने के लिए अपने अस्तित्व को।
कुछ लोगों ने उसे जिंदा रखा है
कागजों में,फाइळों में,
और कुछ ने
अपनी मीठी यादों का
हिस्सा बना कर।
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