कागजों में गुम हुए
जज़्बात ढूँढ़ते हैं
हम उनके साथ हों तन्हा
फिर से वो हालात ढूँढ़ते हैं
बस वो हों, उनकी आरज़ू हो
और उन्हीं से गुफ़्तगू
हम इस जमीं पर
वो कायनात ढूँढ़ते हैं
कागजों में गुम हुए
जज़्बात ढूँढ़ते हैं
कागजों में गुम हुए
जज़्बात ढूँढ़ते हैं
हम उनके साथ हों तन्हा
फिर से वो हालात ढूँढ़ते हैं
बस वो हों, उनकी आरज़ू हो
और उन्हीं से गुफ़्तगू
हम इस जमीं पर
वो कायनात ढूँढ़ते हैं
कागजों में गुम हुए
जज़्बात ढूँढ़ते हैं
Who still remembers the tune " ta na na na na na na naaaaaaa"? R.K Narayan's stories made for T.V. audience. Literature reach...